मेहरबान

Wednesday, November 10, 2010

ये ग्यारह नवम्बर की आधी रात याद रहेगी .....हमेशा!!

दिल टूटा...जग छुटा...
रब रूठा...सब लुटा...
सपन ये जान ले ....
ये प्यार ...मोहब्बत...इश्क.... है सब झूठा...!!!
- सपन

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