यु हीं अचानक मेरे जाह्न में.....आये जुबान पर..... और ...निकले कलम से.....
खुशनसीब हूं मैं...जो लगभग सभी रिश्तों से जुड़ा हूँ! माँ, बहन, प्रेमिका (जो अब बीवी भी है), बेटी और मेरी सास... मेरे लिए वो पांच हैं...मगर उनके लिए तो मैं 'एक' ही हूँ... सोचता हूँ कभी कभी की... क्या में निभा पाता हूँ?
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